Friday, 25 March 2016

धिनक धिनक धा - Dhinak Dhinak Dha (Rita Ganguly, Parineeta)

धिनक धिनक धा - Dhinak Dhinak Dha (Rita Ganguly, Parineeta)

Movie/Album: परिणीता (2005)
Music By: शांतनु मोइत्रा
Lyrics By: स्वानंद किरकिरे
Performed By: रीता गांगुली

ओ मौसी किस्से देनी
ओ किस्से खट्टे मीठे
ओ किस्से मोटे मोटे
ओ किस्से खोटे खोटे
ओये ख़तम ही नहीं होते

सुनो सुनो दुल्हन की और दुल्हे की कहानी
धिनक धिनक धा
दूल्हा थोड़ा एंवई था, दुल्हन थी सायानी
धिनक धिनक धा
दूर देस से आई थी वो रूप की रानी
धिनक धिनक धा
जल भुन जावे सास ननदिया, कुढ़े जेठानी
धिनक धिनक धा
कैसे हुआ मिलन, मौसी हमें बता
अरे शादी की रात का, किस्सा हमें सुना
बताओ न मौसी

दुल्हन को क्या सूझी जाने थी वो दीवानी
धिनक धिनक धा
अरे रूठ के कुण्डी बंद कर बैठी, एक न मानी
धिनक धिनक धा
दुल्हे को कुण्डी ठोक ठोक याद आ गयी नानी
धिनक धिनक धा
अरे सर को खुजाये सोचे बेचारा ख़तम कहानी
धिनक धिनक धा
ओ मेरी जाने-जां, ऐसे सितम न ढा
इतना मुझे बता, मेरी खता है क्या

फिर दोस्तो ने दुल्हे को समझाया
क्या समझाया?
अरे मीठी मीठी बाते कर
सच्चे झूठे वादे कर गधे
तब मानेगी तेरी रानी
दूल्हा बोला चंदा तारे लाऊंगा रानी
धिनक धिनक धा
अरे दुल्हन बोली क्यों करती हो बात पुरानी
धिनक धिनक धा
दूल्हा बोला नाम तेरे कर दूँ ज़िन्दगानी
धिनक धिनक धा
दुल्हन बोली डूब मरो चुल्लू भर पानी
धिनक धिनक धा
फिर कैसे हुआ मिलन, मौसी हमें बता
अरे शादी की रात का किस्सा हमें सुना

फिर वो आया मेरे पास
मैंने कहा, अरे गधे तारों का आचार डालेगा
या चार पाँच पापड़ तलेगा
मैंने उसके कान में फूंका मंतर
दूल्हा पहुंचा दरवाजे पर
और पता है क्या बोला
क्या बोला मौसी?

सोना चाँदी ले आया हूँ ओ मेरी रानी
धिनक धिनक धा
दुल्हन बोली, आधी ही मैं खोलू चिटकनी
धिनक धिनक धा
हीरे मोती भी लाया हूँ ओ मेरी रानी
धिनक धिनक धा
दुल्हन ने फिर झट से खोली ड़ी पूरी चिटकनी
धिनक धिनक धा
ओ मेरे राजा बोली, जल्दी भीतर आ
ओ मेरे राजा, जल्दी भीतर आ
ऐसे ना तरसा, ओ मेरे रजा

फिर क्या हुआ मौसी
कुण्डी बंद और बत्ती गुल
फिर बताओ बताओ मौसी बताओ
फिर बताऊँ

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