Friday, 25 March 2016

Jana Gana Mana Adhinaayak Jaya Hey | Indian National Anthem


Jana Gana Mana Adhinaayak Jaya Hey,
Bhaarat Bhaagya Vidhaataa
Panjaab Sindhu Gujarat Maraatha,
Draavid Utkal Banga
Vindhya Himaachal Yamuna Ganga, 
Uchchhal Jaladhi Taranga
Tav Shubh Naamey Jaagey, 
Tav Shubh Aashish Maange
Gaahey Tav Jayagaathaa
Jana Gana Mangal Daayak, 
Jaya Hey Bhaarat Bhaagya Vidhaataa
Jaya Hey, Jaya Hey, Jaya Hey,
Jaya Jaya Jaya, Jaya Hey

होली आयी रे कन्हाई - Holi Aayi Re Kanhai (Shamshad Begum, Mother India)

होली आयी रे कन्हाई - Holi Aayi Re Kanhai (Shamshad Begum, Mother India)

Movie/Album: मदर इंडिया (1957)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: शमशाद बेगम

होली आयी रे कन्हाई
रंग छलके
सुना दे ज़रा बांसरी

बरसे गुलाल रंग मोरे अंगनवा
अपने ही रंग में रंग दे मोहे सजनवा
... हो देखो नाचे मोरा मनवा
तोरे कारन घर से आई हूँ निकल के
सुना दे ज़रा बांसरी
होली आयी रे...

छूटे ना रंग ऐसी रंग दे चुनरिया
धोबनिया धोये चाहे सारी उमरिया
... हो मन को रंग देगा साँवरिया
मोहे भाये ना हरजाई रंग हलके
सुना दे ज़रा बांसरी
होली आयी रे...

लकड़ी जल कोयला भई
और कोयला जल भयो राख
मैं पापन ऐसी जली
ना कोयला भई, ना राख

होली घर आई तू भी आजा मुरारी
मन ही मन राधा रोये बिरहा की मारी
... हो नहीं मारो पिचकारी
काहे छोड़ी रे कलाई संग चल के
सुना दे ज़रा बांसरी
होली आई रे...

होली के दिन दिल खिल - Holi Ke Din Dil Khil (Sholay, Kishore, Lata)

होली के दिन दिल खिल - Holi Ke Din Dil Khil (Sholay, Kishore, Lata)

Movie/Album: शोले (1975)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

चलो सहेली, चलो रे साथी
ओ पकड़ो-पकड़ो रे इसे न छोड़ो
अरे बैंया न मोड़ो
ज़रा ठहर जा भाभी, अरे जा रे सराबी
क्या ओ राजा, गली में आजा
होली-होली, भांग की गोली
ओ नखरे वाली, दूँगी मैं गाली
ओ रामू की साली
होली रे होली

होली के दिन दिल खिल जाते हैं
रंगों में रंग मिल जाते हैं
गिले शिक़वे भूल के दोस्तों
दुश्मन भी गले मिल जाते हैं

गोरी तेरे रंग जैसा थोड़ा सा मैं रंग बना लूँ
आ तेरे गुलाबी गालों से थोड़ा सा गुलाल चुरा लूँ
जा रे जा दीवाने तू, होली के बहाने तू, छेड़ ना मुझे बेसरम
पूछ ले ज़माने से, ऐसे ही बहाने से, लिए और दिए दिल जाते हैं
होली के दिन दिल...

यही तेरी मरज़ी है तो अच्छा चल तू ख़ुश हो ले
पास आ के छूना ना मुझे, चाहे मुझे दूर से भिगो ले
हीरे की कनी है तू, मट्टी की बनी है तू, छूने से टूट जाएगी
काँटों के छूने से, फूलों से नाज़ुक-नाज़ुक बदन छिल जाते हैं
होली के दिन दिल...

होरी खेले रघुवीरा - Hori Khele Raghuveera (Amitabh, Alka, Sukhwinder, Udit)

होरी खेले रघुवीरा - Hori Khele Raghuveera (Amitabh, Alka, Sukhwinder, Udit)

Movie/Album: बाग़बान (2003)
Music By: आदेश श्रीवास्तव
Lyrics By: समीर
Performed By: अमिताभ बच्चन, अलका याग्निक, सुखविंदर सिंह, उदित नारायण
 
ताल से ताल मिले मोरे बबुआ, बाजे ढोल मृदंग
मन से मन का मेल जो हो तो, रंग से मिल जाए रंग

होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
हाँ हिलमिल आवे लोग लुगाई
भाई महलन में भीरा अवध में
होरी खेले रघुवीरा...

इनको शर्म नहीं आये देखे नाहीं अपनी उमरिया
साठ बरस में इश्क लड़ाए
मुखड़े पे रंग लगाए, बड़ा रंगीला सांवरिया
चुनरी पे डाले अबीर अवध में
होरी खेरे रघुवीरा...

हे अब के फाग मोसे खेलो न होरी
(हाँ हाँ ना खेलत ना खेलत)
तोरी शपथ मैं उमरिया की थोरी
(हाय हाय हाय चाचा)

देखे है ऊपर से झांके नहीं अन्दर सजनिया
उम्र चढ़ी है दिल तो जवान है
बांहों में भरके मुझे ज़रा झनका दे पैंजनिया
साँची कहे है कबीरा अवध में
होरी खेले रघुवीरा...

अरे जा रे हट नटखट - Are Ja Re Hat Natkhat (Navrang, Mahendra Kapoor, Asha Bhosle)

अरे जा रे हट नटखट - Are Ja Re Hat Natkhat (Navrang, Mahendra Kapoor, Asha Bhosle)

Movie/Album: नवरंग (1959)
Music By: सी.रामचंद्र
Lyrics By: भरत व्यास
Performed By: चितलकर, महेंद्र कपूर, आशा भोंसले

अटक-अटक झटपट पनघट परचटक मटक इक नार नवेली
गोरी-गोरी ग्वालन की छोरी चली
चोरी चोरी मुख मोरी मोरी मुसकाये अलबेली
कँकरी गले में मारी कंकरी कन्हैये ने
पकरी बाँह और की अटखेली
भरी पिचकारी मारी
भोली पनिहारी बोली
अरे जा रे हट नटखटना छू रे मेरा घूँघट
पलट के दूँगी आज तुझे गाली रे
मुझे समझो न तुम भोली भाली रे

आया होली का त्यौहार
उड़े रंग की बौछार
तू है नार नखरेदार मतवाली रे
आज मीठी लगे है तेरी गाली रे

तक तक ना मार पिचकारी की धार
कोमल बदन सह सके ना ये मार
तू है अनाड़ी, बड़ा ही गँवार
कजरे में तूने अबीर दिया डार
तेरी झकझोरी से, बाज़ आयी होरी से
चोर तेरी चोरी निराली रे
मुझे समझो ना तुम भोली भाली रे
अरे जा रे हट नटखट...
धरती है लाल आज, अम्बर है लालउड़ने दे गोरी गालों का गुलाल
मत लाज का आज घूँघट निकाल
दे दिल की धड़कन पे, धिनक धिनक ताल
झाँझ बजे शँख बजे, संग में मृदंग बजे
अंग में उमंग खुशियाली रे
आज मीठी लगे है तेरी गाली रे
अरे जा रे हट नटखट...

आज गा लो, मुस्कुरा लो - Aaj Gaa Lo Muskura Lo (Md.Rafi, Lalkaar)

आज गा लो, मुस्कुरा लो - Aaj Gaa Lo Muskura Lo (Md.Rafi, Lalkaar)

Movie/Album: ललकार (1972)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: मो.रफ़ी

Happy
आज गा लो, मुस्कुरा लो
आज गा लो, मुस्कुरा लो
महफ़िलें सजा लो
क्या जाने कल कोई साथी छूट जाए
जीवन की डोर, बड़ी कमज़ोर, यारों
किसको खबर कहाँ टूट जाए
गा लो मुस्कुरा लो...

हो तीर हसीनों के खाए ना जिसने
सीने पे गोली वो खायेगा कैसे, खायेगा कैसे
ज़ुल्फ़ों के साए में जो ना जिया हो
तोपों के साए में गायेगा कैसे, गाएगा कैसे
ज़िन्दगी का कोई हमसफ़र तो बना लो
गा लो, मुस्कुरा लो...

जंग और नफरत भरे इस जहां में
मोहब्बत का कोई चलन छोड़ जाओ, चलन छोड़ जाओ
यादों में कोई बहाए जो आँसू
किसी दिल में ऐसी लगन छोड़ जाओ, लगन छोड़ जाओ
है यादों में कितनी वफ़ा आज़मा लो
गा लो, मुस्कुरा लो...

Sad

टूटा हुआ तारा, नदियाँ की धारा
है कौन ऐसा जो लौटा के लाये
हमसे जो बिछड़ा है साथी हमारा
है कौन ऐसा जो लौटा के लाये
अब ये नज़र रास्ते से हटा लो
गा लो मुस्कुरा लो...

शहीदों का खूँ है, वफ़ा की निशानी
इसे आँसुओं से धोते नहीं है
ये मौत है नाज़ करने के काबिल
वीरों को मरने पे रोते नहीं है
आज यादों को उनकी गले से लगा लो
गा लो, मुस्कुरा लो...

औरत ने जनम दिया मर्दों को - Aurat Ne Janam Diya Mardon Ko (Lata Mangeshkar)

औरत ने जनम दिया मर्दों को - Aurat Ne Janam Diya Mardon Ko (Lata Mangeshkar)

Movie/Album: साधना (1958)
Music By: एन.दत्ता
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: लता मंगेशकर

औरत ने जनम दिया मर्दों को, मर्दों ने उसे बाज़ार दिया
जब जी चाहा मसला कुचला, जब जी चाहा दुत्कार दिया

तुलती है कहीं दीनारों में, बिकती है कहीं बाज़ारों में
नंगी नचवाई जाती है, ऐय्याशों के दरबारों में
ये वो बेइज़्ज़त चीज़ है जो, बंट जाती है इज़्ज़तदारों में
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

मर्दों के लिये हर ज़ुल्म रवाँ, औरत के लिये रोना भी खता
मर्दों के लिये लाखों सेजें, औरत के लिये बस एक चिता
मर्दों के लिये हर ऐश का हक़, औरत के लिये जीना भी सज़ा
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

जिन होठों ने इनको प्यार किया, उन होठों का व्योपार किया
जिस कोख में इनका जिस्म ढला, उस कोख का कारोबार किया
जिस तन से उगे कोपल बन कर, उस तन को ज़लील-ओ-खार किया
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

मर्दों ने बनायी जो रस्में, उनको हक़ का फ़रमान कहा
औरत के ज़िन्दा जलने को, कुर्बानी और बलिदान कहा
इस्मत के बदले रोटी दी, और उसको भी एहसान कहा
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

संसार की हर एक बेशर्मी, गुर्बत की गोद में पलती है
चकलों ही में आ के रुकती है, फ़ाकों से जो राह निकलती है
मर्दों की हवस है जो अक्सर, औरत के पाप में ढलती है
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

औरत संसार की क़िस्मत है, फ़िर भी तक़दीर की हेटी है
अवतार पयम्बर जनती है, फिर भी शैतान की बेटी है
ये वो बदक़िस्मत माँ है जो, बेटों की सेज़ पे लेटी है
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

नमक इस्क का - Namak Isq Ka (Rekha Bhardwaj, Omkara)

नमक इस्क का - Namak Isq Ka (Rekha Bhardwaj, Omkara)

Movie/Album: ओमकारा (2006)
Music By: विशाल भरद्वाज
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: रेखा भारद्वाज

चाँद निगल गयी
हो जी मैं चाँद निगल गयी
दैय्यो रे

भीतर-भीतर आग जरे
बात करूँ तो सेक लगे
ओह मैं तो चाँद निगल गई दैय्या रे
अंग पे ऐसे छाले पड़े
तेज़ था छौंका का करूँ
सीसी करती, सीसी सीसी करती मैं मरूँ
जबां पे लागा रे, लागा रे हाय
नमक इस्क का...
बलम से माँगा माँगा रे, बलम से माँगा रे
नमक इस्क का...

सभी छेड़े हैं मुझको, सिपहिये बाँके छमिये
उधारी देने लगे हैं, गली के बनिए बनिएकोई तो कौड़ी तो भी लुटा दे, कौई तो कौड़ी
अजी थोड़ी-थोड़ी शहद चटा दे, थोड़ी थोड़ी
तेज़ था तड़का का करूँ, सीसी करती मैं मरूँ
रात भर छाना रे
रात भर छाना, रात भर छाना छाना रे
नमक इस्क का...

ऐसी भूख लगी जालिम की
के बाँसुरी जैसी बाजी मैं
अरे जो भी कहा उस चन्द्रभान नेफट से हो गयी राजी मैं
कभी अखियों से पीना, कभी होठों से पीना
कभी अच्छा लगे मरना, कभी मुस्किल लगे जीना
करवा करवट प्यास लगी थी
अजी बालम की आहट पास लगी थी
तेज़ था छौंका...
डली भर डाला जी डाला जी डाला जी डाला जी डाला जी डाला जी रे
डली भर डाला, डली भर डाला डाला रे
नमक इस्क का...

हुसना - Husna (Piyush Mishra, Hitesh Sonik, Coke Studio MTV)

हुसना - Husna (Piyush Mishra, Hitesh Sonik, Coke Studio MTV)

Movie/Album: कोक स्टूडियो एम.टीवी (2012)
Music By: पियूष मिश्रा, हितेश सोनिक
Lyrics By: पियूष मिश्रा
Performed By: पियूष मिश्रा

लाहौर के उस
पहले जिले के
दो परगना में पहुंचे
रेशम गली के
दूजे कूचे के
चौथे मकां में पहुंचे
और कहते हैं जिसको
दूजा मुल्क उस
पाकिस्तां में पहुंचे
लिखता हूँ ख़त में
हिन्दोस्तां से
पहलू-ए हुसना पहुंचे
ओ हुसना

मैं तो हूँ बैठा
ओ हुसना मेरी
यादों पुरानी में खोया
पल-पल को गिनता
पल-पल को चुनता
बीती कहानी में खोया
पत्ते जब झड़ते
हिन्दोस्तां में
यादें तुम्हारी ये बोलें
होता उजाला हिन्दोस्तां में
बातें तुम्हारी ये बोलें
ओ हुसना मेरी
ये तो बता दो
होता है, ऐसा क्या
उस गुलिस्तां में
रहती हो नन्हीं कबूतर सी
गुमसुम जहाँ
ओ हुसना

पत्ते क्या झड़ते हैं
पाकिस्तां में वैसे ही
जैसे झड़ते यहाँ
ओ हुसना
होता उजाला क्या
वैसा ही है
जैसा होता हिन्दोस्तां यहाँ
ओ हुसना

वो हीरों के रांझे के नगमें
मुझको अब तक, आ आके सताएं
वो बुल्ले शाह की तकरीरों के
झीने झीने साये
वो ईद की ईदी
लम्बी नमाजें
सेंवैय्यों की झालर
वो दिवाली के दीये संग में
बैसाखी के बादल
होली की वो लकड़ी जिनमें
संग-संग आंच लगाई
लोहड़ी का वो धुआं जिसमें
धड़कन है सुलगाई
ओ हुसना मेरी
ये तो बता दो
लोहड़ी का धुंआ क्या
अब भी निकलता है
जैसा निकलता था
उस दौर में हाँ वहाँ
ओ हुसना

क्यों एक गुलसितां ये
बर्बाद हो रहा है
एक रंग स्याह काला
इजाद हो रहा है

ये हीरों के, रांझों के नगमे
क्या अब भी, सुने जाते है हाँ वहाँ
ओ हुसना
और
रोता है रातों में
पाकिस्तां क्या वैसे ही
जैसे हिन्दोस्तां
ओ हुसना

घर - Ghar (Piyush Mishra, Coke Studio MTV Season 3)

घर - Ghar (Piyush Mishra, Coke Studio MTV Season 3)

Movie/Album: कोक स्टूडियो एम.टी.वी.-३ (2013)
Music By: हितेश सोनिक
Lyrics By: पियूष मिश्रा
Performed By: पियूष मिश्रा

ज़ू, ज़ू...
कि उजला ही उजला शहर होगा जिसमें हम तुम बनाएँगे घर
दोनों रहेंगे कबूतर से जिसमें होगा न बाज़ों का डर

मखमल की नाज़ुक दीवारें भी होंगी, कोनों में बैठी बहारें भी होंगी
खिड़की की चौखट भी रेशम की होगी, चन्दन सी लिपटी हाँ सेहन भी होगी
संदल की खुश्बू भी टपकेगी छत से, फूलों का दरवाज़ा खोलेंगे झट से
डोलेंगे मय की हवा के हाँ झोंके, आँखों को छू लेंगे गर्दन भिगो के
आँगन में बिखरे पड़े होंगे पत्ते, सूखे से नाज़ुक से पीले छिटक के
पाँवों को नंगा जो करके चलेंगे, चरपर की आवाज़ से वो बजेंगे
कोयल कहेगी कि मैं हूँ सहेली, मैना कहेगी नहीं तु अकेली
बत्तख भी चोंचों में हंसती सी होगी, बगुले कहेंगे सुनो अब उठो भी
हम फिर भी होंगे पड़े आँख मूँदें, गलियों की लड़ियाँ दिलों में हाँ गूंधे
भूलेंगे उस पार के उस जहां को, जाती है कोई डगर, जाती है कोई डगर
चाँदी के तारों से रातें बुनेंगे तो चमकीली होगी सहर
उजला ही उजला...

आओगे थक कर जो हाँ साथी मेरे, काँधे पे लूँगी टिका साथी मेरे
बोलोगे तुम जो भी हाँ साथी मेरे, मोती सा लूँगी उठा साथी मेरे
पलकों की कोरों पे आए जो आँसू, मैं क्यूँ डरूँगी बता साथी मेरे
ऊँगली तुम्हारी तो पहले से होगी, गालों पे मेरे तो हाँ साथी मेरे
तुम हँस पड़ोगे तो मैं हँस पडूँगी, तुम रो पड़ोगे तो मैं रो पडूँगी
लेकिन मेरी बात इक याद रखना, मुझको हमेशा ही हाँ साथ रखना
जुड़ती जहाँ ये ज़मीं आसमां से, हद हाँ हमारी शुरू हो वहाँ से
तारों को छू लें ज़रा सा संभल के, उस चाँद पर झट से जाएँ फिसल के
बह जाए दोनों हवा से निकल के, सूरज भी देखे हमें और जल के
होगा नहीं हम पे मालूम साथी, तीनों जहां का असर, तीनों जहां का असर
के राहों को राहें बताएँगे साथी हम, ऐसा हाँ होगा सफ़र
उजला ही उजला...

मेरा यार मिला दे - Mera Yaar Mila De (A.R.Rahman)

मेरा यार मिला दे - Mera Yaar Mila De (A.R.Rahman)

Movie/Album: साथिया (2002)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: ए.आर.रहमान

बंजर है सब बंजर है
हम ढूँढने जब फिरदोस चले
तेरी खोज तलाश में देख पिया
हम कितने काले कोस चले
बंजर है सब बंजर है
मेन्डा यार मिला दे साइयाँ
इक वार मिला दे साइयाँ

मैंने फोटा फोटा फलक छाना
मैंने टोटे टोटे तारे चुने
मेन्डा यार मिला...
तारों की चमक ये सुबह तलक
लगती ही नहीं पल भर को तलक
साइयाँ...
मैंने फोटा फोटा फलक छाना
मैंने टोटे टोटे तारे चुने
सिर्फ एक तेरी आहट के लिए
कंकर पत्थर बुत सारे सुने
हूण वेणे ते रुस्वाइयां
मेन्डा यार मिला दे...
बंजर है सब बंजर है...

आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं
पैरों के निशाँ जब देखे जहाँ, सौ बार झुकाया सर को वहाँ
आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं
मैं कितनी बार पुकारूं तुझे, तेरे नाम के सफ्हे लिखे हैं
तेरा साया कहीं तो बोलेगा, मैं चुनता रहा परछाईयाँ
मेन्डा यार मिला दे...

मटरगश्ती - Matargashti (Mohit Chauhan, Tamasha)

मटरगश्ती - Matargashti (Mohit Chauhan, Tamasha)

Movie/Album: तमाशा (2015)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद क़ामिल
Performed By: मोहित चौहान

मटरगश्ती खुली सड़क में, तगड़ी तड़क भड़क में
ओले गिरे सुलगते से सुलगते से सड़क में
छतरी ना थी बगल में, आया ही ना अकल में
के भागे हम या भीगे हम अकड़ में
तो सोचा फिर
गीला हुआ है जो सुखाना, हो हो हो
चाहे ज़नाना या मर्दाना, हो हो हो
अटेंशन!
फैंका नया पासा, फिर दे गयी झांसा
ऐवें मुझे फांसा
चिरकुट ज़िन्दगी, यूँ ना

तू ही है वो, जिससे खेला था मैं खो-खो
खेला था खो खो, तू है
लैला शिरी सोहनी जूलिएट, सुन लो
मुझको, ढूँढो ना जंगल में
मैं तो, व्हाट्सऐप में हूँ, हा हा हा..
ना तेरा, ना मेरा ज़माना, हो हो हो
ना ये ज़नाना ना मरदाना...
ओ गड़बड़, फैंका नया पासा...

तू ही है वो जिसने खेंची मेरी धोती
धोती खैंची, अब तू ढूंढे कहाँ बंदे
ना मैं काबा, काशी, मैं ट्विटर पे हूँ
डीपी मेरी देखो, हो ओ हो
सुन रे सुन बेलिया, दिल ने धोखा दिया
आँखें मिली तुमसे नाज़नी
मेरे होश-ओ-हवास खो गए
हो दिल ने रो रो कहा
ये आँखें है दिल की जुबां
ख्वाब रोज़ रोज़ देखे नए
हो, दिल का भंवर बोले सुन साथिया
छुप ना दुपट्टे में तू ओ छलिया
प्रेम पुजारी के दिल का बयां होता रहा
रोता रहा प्रिये
तो फिर टंग टंग...
मटरगश्ती खुली सड़क में...

तू चले - Tu Chale (Arijit Singh, Shreya Ghoshal)

तू चले - Tu Chale (Arijit Singh, Shreya Ghoshal)

Movie/Album: आई (2015)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: अरिजीत सिंह, श्रेया घोषाल

तू चले संग चले सभी गुल
अपना है ये ख़याल, अपना है ये ख़याल
है ऐसा लगे वहाँ रोज़ खिले गुल
जहाँ तेरा आना जाना
है ऐसा लगे गुल ग़लती से बन गए
रब ने था तुझे बनाना
ये महका मौसम, हुस्न का आलम
है तेरी ही परछाई
अपना है ये ख़याल, अपना है ये ख़याल
तू चले...

तू जाने, ना जाने. ना माने
जाना तेरा ख़याल, जाना तेरा क्या हाल
तेरे जिया की ताल सुरमयी
आँखों में है शबाब, जैसे खिले गुलाब
देखें ऐसे ही ख़वाब हम कई
तेरे आने से यार ऐसा आया निखार
जैसे आई बहार हो नई
तेरे होंठों के जाम पीलूँ सुबह शाम
तू तो मेरा ही नाम हो गयी
मेरी दुनिया में तूने है रंग भरा
मेरे साथ ये दुनिया देख ज़रा
मेरी तू ही तो है प्यारी दुनिया
सारी दुनिया मेरे हमकदम
तू चले...

दूर खिले रंग कौन सा रंग तेरा है बतलाना
लो हाथ से छूटा दिल, रंग तेरे मैंने रंग है जाना
महक गयी है ले खुशबू, महका तेरा जो है ये आँचल
फूलों की तू है रानी या फिर तू है कोई संदल
धीमी धीमी बातें, सहज सुगम मौसम
पिया मेरे ऐसे मौसम अब आएंगे हरदम
तू जो मुझे हासिल, नैना करे झिलमिल
साथी तेरे होने से है, खुशियों के या काफ़िले
तू चले...

अगर तुम साथ हो - Agar Tum Saath Ho (Alka Yagnik, Arijit Singh, Tamasha)

अगर तुम साथ हो - Agar Tum Saath Ho (Alka Yagnik, Arijit Singh, Tamasha)

Movie/Album: तमाशा (2015)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: इरशाद क़ामिल
Performed By: अलका याग्निक, अरिजीत सिंह

पल भर ठहर जाओ, दिल ये संभल जाए
कैसे तुम्हें रोका करूँ
मेरी तरफ आता, हर ग़म फिसल जाए
आँखों में तुमको भरूँ
बिन बोले बातें तुमसे करूँ
गर तुम साथ हो
अगर तुम साथ हो

बहती रहती नाहर नदियाँ सी
तेरी दुनिया में, मेरी दुनिया है
तेरी चाहतों में, मैं ढल जाती हूँ
तेरी आदतों में
गर तुम साथ हो...
तेरी नज़रों में है तेरे सपने
तेरे सपनों में है नाराज़ी
मुझे लगता है के बातें दिल की
होती लफ़्ज़ों की धोखेबाज़ी
तुम साथ हो या ना हो, क्या फर्क है
बेदर्द थी ज़िन्दगी, बेदर्द है
अगर तुम साथ हो...

पलकें झपकते ये, दिन ये निकल जाए
बैठी-बैठी भागी फिरूँ
मेरी तरफ आता, हर ग़म फिसल जाए
आँखों में तुमको भरूँ
बिन बोले बातें तुमसे करूँ
गर तुम साथ हो...
तेरी नज़रों में है तेरे सपने...

ए भाई ज़रा देख के चलो - Ae Bhai Zara Dekh Ke Chalo (Manna Dey)

ए भाई ज़रा देख के चलो - Ae Bhai Zara Dekh Ke Chalo (Manna Dey)

Movie/Album: मेरा नाम जोकर (1970)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मन्ना डे

ए भाई, ज़रा देख के चलो
आगे ही नहीं, पीछे भी
दायें ही नहीं, बायें भी
ऊपर ही नहीं, नीचे भी
ए भाई...

तू जहाँ आया है
वो तेरा
घर नहीं, गली नहीं, गाँव नहीं
कूचा नहीं, बस्ती नहीं, रस्ता नहीं
दुनिया है
और प्यारे
दुनिया ये सरकस है
और सरकस में
बड़े को भी, छोटे को भी, खरे को भी
खोटे को भी, दुबले भी, मोटे को भी
नीचे से ऊपर को, ऊपर से नीचे को
आना-जाना पड़ता है

और रिंग मास्टर के कोड़े पर
कोड़ा जो भूख है
कोड़ा जो पैसा है
कोड़ा जो क़िस्मत है
तरह-तरह नाच के दिखाना यहाँ पड़ता है
बार-बार रोना और गाना यहाँ पड़ता है
हीरो से जोकर बन जाना पड़ता है

गिरने से डरता है क्यों, मरने से डरता है क्यों
ठोकर तू जब तक न खाएगा
पास किसी ग़म को न जब तक बुलाएगा
ज़िन्दगी है चीज़ क्या नहीं जान पायेगा
रोता हुआ आया है, रोता चला जाएगा
ए भाई ज़रा देख के...

क्या है करिश्मा, कैसा खिलवाड़ है
जानवर आदमी से ज़्यादा वफ़ादार है
खाता है कोड़ा भी, रहता है भूखा भी
फिर भी वो मालिक पे करता नहीं वार है
और इनसान ये
माल जिसका खाता है
प्यार जिस से पाता है, गीत जिस के गाता है
उसके ही सीने में भौंकता कटार है
ए भाई ज़रा देख के...

हाँ बाबू, ये सरकस है शो तीन घंटे का
पहला घंटा बचपन है
दूसरा जवानी है
तीसरा बुढ़ापा है

और उसके बाद
माँ नहीं, बाप नहीं
बेटा नहीं, बेटी नहीं
तू नहीं मैं नहीं
ये नहीं, वो नहीं
कुछ भी नहीं रहता है
रहता है जो कुछ वो
ख़ाली-ख़ाली कुर्सियाँ हैं
ख़ाली-ख़ाली तम्बू है
ख़ाली-ख़ाली घेरा है
बिना चिड़िया का बसेरा है
ना तेरा है, ना मेरा है

बदतमीज़ दिल - Badtameez Dil (Benny Dayal, Shefali Alveras, Yeh Jawani Hai Deewani)

बदतमीज़ दिल - Badtameez Dil (Benny Dayal, Shefali Alveras, Yeh Jawani Hai Deewani)

Movie/Album: ये जवानी है दीवानी (2013)
Music By: प्रीतम चक्रवर्ती
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: बेनी दयाल, शेफाली अल्वेरस

पान में पुदीना देखा, नाक का नगीना देखा
चिकनी चमेली देखी, चिकना कमीना देखा
चाँद ने चीटर हो के चीट किया तो
सारे तारे बोले गीली गीली अक्खा
पा परा परा..
मेरी बात, तेरी, ज्यादा बातें बुरी बात
थाली में कटोरा ले के, आलू भात, मुड़ी भात
मेरे पीछे किसी ने रिपीट किया तो
साला मैंने तेरे मुँह पे मारा मुक्का
इसपे भूत कोई चढ़ा है, ठहरना जाने ना
अब तो क्या बुरा क्या भला है, फर्क पहचाने ना
ज़िद पकड़ के खड़ा है कमबख्त, छोड़ना जाने ना
(बदतमीज़ दिल, बदतमीज़ दिल, बदतमीज़ दिल
माने ना, माने ना)-2
ये जो हाल है, सवाल है, कमाल है
जाने ना, जाने ना
बदतमीज़ दिल...

हवा में हवाना देखा, ढिमका फलाना देखा
सिंग का सिंघाड़ा खा के, शेर का गुर्राना देखा
पूरी दुनिया का गोल गोल चक्कर ले के
मैंने दुनिया को मारा धक्का
पा परा परा...
हे बॉलीवुड हॉलीवुड, वेरी वेरी जॉलीवुड
राई के पहाड़ पर तीन फूटा लिलिपुट
मेरे पीछे किसी ने रिपीट किया तो
साला मैंने तेरे मुँह पे मारा मुक्का
अय्याशी के वन वे से खुद को मोड़ना जाने ना
कम्बल बेवजह ये शरम का ओढना जाने ना
ज़िद पकड़ के खड़ा है कमबख्त छोड़ना जाने ना
बदतमीज़ दिल...

आज सारे, चाँद तारे, बन गए हैं डिस्को लाइट्स
जल के बुझा के, हमको बुला के, कह रहे हैं, पार्टी ऑल नाइट्स
नाता बेतुकी दिल्लगी का, तोड़ना जाने ना
आने वाले कल की फिकर से जोड़ना जाने ना
ज़िद पकड़ के खड़ा है कमबख्त, छोड़ना जाने ना
बदतमीज़ दिल..

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर - Jinhe Naaz Hai Hind Par (Md.Rafi, Pyaasa)

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर - Jinhe Naaz Hai Hind Par (Md.Rafi, Pyaasa)

Movie/Album: प्यासा (1957)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी

ये कूचे, ये नीलामघर दिलकशी के
ये लुटते हुए कारवाँ ज़िन्दगी के
कहाँ हैं, कहाँ है, मुहाफ़िज़ ख़ुदी के
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये पुरपेच गलियाँ, ये बदनाम बाज़ार
ये ग़ुमनाम राही, ये सिक्कों की झन्कार
ये इस्मत के सौदे, ये सौदों पे तकरार
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये सदियों से बेख्वाब, सहमी सी गलियाँ
ये मसली हुई अधखिली ज़र्द कलियाँ
ये बिकती हुई खोखली रंग-रलियाँ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

वो उजले दरीचों में पायल की छन-छन
थकी-हारी साँसों पे तबले की धन-धन
ये बेरूह कमरों में खाँसी की ठन-ठन
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये फूलों के गजरे, ये पीकों के छींटे
ये बेबाक नज़रें, ये गुस्ताख फ़िकरे
ये ढलके बदन और ये बीमार चेहरे
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

यहाँ पीर भी आ चुके हैं, जवाँ भी
तनोमंद बेटे भी, अब्बा, मियाँ भी
ये बीवी भी है और बहन भी है, माँ भी
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

मदद चाहती है ये हौवा की बेटी
यशोदा की हमजिंस, राधा की बेटी
पयम्बर की उम्मत, ज़ुलयखां की बेटी
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ज़रा मुल्क के रहबरों को बुलाओ
ये कुचे, ये गलियाँ, ये मंजर दिखाओ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर उनको लाओ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

धिनक धिनक धा - Dhinak Dhinak Dha (Rita Ganguly, Parineeta)

धिनक धिनक धा - Dhinak Dhinak Dha (Rita Ganguly, Parineeta)

Movie/Album: परिणीता (2005)
Music By: शांतनु मोइत्रा
Lyrics By: स्वानंद किरकिरे
Performed By: रीता गांगुली

ओ मौसी किस्से देनी
ओ किस्से खट्टे मीठे
ओ किस्से मोटे मोटे
ओ किस्से खोटे खोटे
ओये ख़तम ही नहीं होते

सुनो सुनो दुल्हन की और दुल्हे की कहानी
धिनक धिनक धा
दूल्हा थोड़ा एंवई था, दुल्हन थी सायानी
धिनक धिनक धा
दूर देस से आई थी वो रूप की रानी
धिनक धिनक धा
जल भुन जावे सास ननदिया, कुढ़े जेठानी
धिनक धिनक धा
कैसे हुआ मिलन, मौसी हमें बता
अरे शादी की रात का, किस्सा हमें सुना
बताओ न मौसी

दुल्हन को क्या सूझी जाने थी वो दीवानी
धिनक धिनक धा
अरे रूठ के कुण्डी बंद कर बैठी, एक न मानी
धिनक धिनक धा
दुल्हे को कुण्डी ठोक ठोक याद आ गयी नानी
धिनक धिनक धा
अरे सर को खुजाये सोचे बेचारा ख़तम कहानी
धिनक धिनक धा
ओ मेरी जाने-जां, ऐसे सितम न ढा
इतना मुझे बता, मेरी खता है क्या

फिर दोस्तो ने दुल्हे को समझाया
क्या समझाया?
अरे मीठी मीठी बाते कर
सच्चे झूठे वादे कर गधे
तब मानेगी तेरी रानी
दूल्हा बोला चंदा तारे लाऊंगा रानी
धिनक धिनक धा
अरे दुल्हन बोली क्यों करती हो बात पुरानी
धिनक धिनक धा
दूल्हा बोला नाम तेरे कर दूँ ज़िन्दगानी
धिनक धिनक धा
दुल्हन बोली डूब मरो चुल्लू भर पानी
धिनक धिनक धा
फिर कैसे हुआ मिलन, मौसी हमें बता
अरे शादी की रात का किस्सा हमें सुना

फिर वो आया मेरे पास
मैंने कहा, अरे गधे तारों का आचार डालेगा
या चार पाँच पापड़ तलेगा
मैंने उसके कान में फूंका मंतर
दूल्हा पहुंचा दरवाजे पर
और पता है क्या बोला
क्या बोला मौसी?

सोना चाँदी ले आया हूँ ओ मेरी रानी
धिनक धिनक धा
दुल्हन बोली, आधी ही मैं खोलू चिटकनी
धिनक धिनक धा
हीरे मोती भी लाया हूँ ओ मेरी रानी
धिनक धिनक धा
दुल्हन ने फिर झट से खोली ड़ी पूरी चिटकनी
धिनक धिनक धा
ओ मेरे राजा बोली, जल्दी भीतर आ
ओ मेरे राजा, जल्दी भीतर आ
ऐसे ना तरसा, ओ मेरे रजा

फिर क्या हुआ मौसी
कुण्डी बंद और बत्ती गुल
फिर बताओ बताओ मौसी बताओ
फिर बताऊँ

दे दी हमें आज़ादी - De Di Humein Aazaadi (Asha Bhosle, Jaagriti)

दे दी हमें आज़ादी - De Di Humein Aazaadi (Asha Bhosle, Jaagriti)

Movie/Album: जागृति (1954)
Music By: हेमंत
Lyrics By: प्रदीप
Performed By: आशा भोंसले

दे दी हमें आज़ादी बिना खड्ग बिना ढाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
आँधी में भी जलती रही गाँधी तेरी मशाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
दे दी हमें आज़ादी...

धरती पे लड़ी तूने अजब ढंग की लड़ाई
दागी न कहीं तोप न बंदूक चलाई
दुश्मन के किले पर भी न की तूने चढ़ाई
वाह रे फ़कीर खूब करामात दिखाई
चुटकी में दुश्मनों को दिया देश से निकाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
दे दी हमें आज़ादी...
(रघुपति राघव राजा राम)

शतरंज बिछा कर यहाँ बैठा था ज़माना
लगता था मुश्किल है फ़िरंगी को हराना
टक्कर थी बड़े ज़ोर की दुश्मन भी था ताना
पर तू भी था बापू बड़ा उस्ताद पुराना
मारा वो कस के दांव के उलटी सभी की चाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
दे दी हमें आज़ादी...
(रघुपति राघव राजा राम)

जब जब तेरा बिगुल बजा जवान चल पड़े
मज़दूर चल पड़े थे और किसान चल पड़े
हिंदू और मुसलमान, सिख पठान चल पड़े
कदमों में तेरी कोटि कोटि प्राण चल पड़े
फूलों की सेज छोड़ के दौड़े जवाहरलाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
दे दी हमें आज़ादी...
(रघुपति राघव राजा राम)

मन में थी अहिंसा की लगन तन पे लंगोटी
लाखों में घूमता था लिये सत्य की सोंटी
वैसे तो देखने में थी हस्ती तेरी छोटी
लेकिन तुझे झुकती थी हिमालय की भी चोटी
दुनिया में तू बेजोड़ था, इन्सान बेमिसाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
दे दी हमें आज़ादी...
(रघुपति राघव राजा राम)

जग में जिया है कोई तो बापू तू ही जिया
तूने वतन की राह में सब कुछ लुटा दिया
माँगा न कोई तख्त न कोई ताज भी लिया
अमृत दिया कभी तो मगर खुद ज़हर पिया
जिस दिन तेरी चिता जली, रोया था महाकाल
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल
दे दी हमें आज़ादी...
(रघुपति राघव राजा राम)

लफ़्ज़ों का खेल: दे दी हमें आज़ादी - De Di Humein Aazaadi (Asha Bhos...

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